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क्रिया-कलाप

एकीकृत ग्रिड की स्थिरता को बनाए रखने एवं सुचारु प्रचालन और क्षेत्र में विद्युत प्रणाली के मितव्‍ययी एवं कुशल प्रचालन को सुगम बनाने हेतु निम्‍नलिखित क्रिया-कलाप सौंपे गए हैं:
1ग्रिड प्रदर्शन में सुधार के लिए क्षेत्रीय स्तर पर संचालन का विश्लेषण करना।
2विद्युत के अंतर-राज्य / अंतर-क्षेत्रीय अंतरण को सुविधाजनक बनाना।
3

सीटीयू / एसटीयू के साथ अंतर-राज्यीय / अंतरा - राज्यीय पारेषण प्रणाली से संबंधित आयोजना के सभी कार्यों को सुगम बनाना।

3क.संबंधित आरपीसी द्वारा प्रस्ताव प्राप्त होने के 45 दिनों के भीतर सीटीयू द्वारा नियोजित अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली पर विचार प्रदान करना। नई अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली के अनुमोदन के लिए विद्युत मंत्रालय को अपनी अनुशंसा भेजने के लिए राष्ट्रीय पारेषण समिति द्वारा आरपीसी के विचारों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
4वार्षिक आधार पर क्षेत्र को विद्युत की आपूर्ति करने वाली अंतर-राज्य उत्पादन कंपनियों सहित क्षेत्र की विभिन्न उत्पादन कंपनियों की उत्पादन मशीनों की आयोजना और रखरखाव का समन्वय करना और मासिक आधार पर रखरखाव कार्यक्रम की समीक्षा भी करना ।
5मासिक आधार पर पारेषण प्रणाली के औटेज की योजना बनाना।
6 ग्रिड के स्थिर प्रचालन के लिए सुरक्षा अध्ययन सहित प्रचालन आयोजना अध्ययन करना।
7प्रणाली अध्ययन समिति और संस्थापित कैपेसिटरों की निगरानी के माध्यम से प्रतिक्रियाशील मुआवजे की आवश्यकता की समीक्षा के माध्यम से उचित वोल्टेज बनाए रखने की आयोजना बनाना।
8क्षेत्र में विद्युत प्रणाली के प्रचालन में मितव्ययता और दक्षता से संबंधित सभी मुद्दों पर सर्वसम्मति विकसित करना।
दक्षिणी क्षेत्रीय ग्रिड के प्रचालन ,शेड्यूलिंग और प्रेषण, एसआरएलडीसी द्वारा एसआरपीसी के निर्णय और केंद्रीय आयोग के निर्देशों, यदि कोई हो, के अधीन किया जाएगा। उपरोक्त के अलावा, सीईआरसी ने आईईजीसी/विभिन्न विनियमों के तहत सदस्य सचिव, एसआरपीसी/एसआरपीसी सचिवालय को निम्नलिखित कार्य सौंपे हैं:

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